
लिंग का टेढ़ापन (Peyronie’s Disease): कारण, लक्षण और प्राकृतिक देखभाल
लिंग का टेढ़ापन (Penis Curvature) हमेशा जेनेटिक समस्या नहीं होता; यह चोट या ट्रॉमा के बाद भी विकसित हो सकता है, जिससे लिंग के अंदर ब्लीडिंग हो जाती है। ज़्यादातर मामलों में यह समस्या अपने आप ठीक हो जाती है, लेकिन कभी-कभी इलाज की ज़रूरत पड़ती है।
Peyronie’s रोग का संबंध इरेक्टाइल डिसफंक्शन से भी होता है, जिसमें पुरुष संभोग के दौरान इरेक्शन प्राप्त नहीं कर पाता। यह समस्या ढीले लिंग में दिखाई नहीं देती, लेकिन अचानक इरेक्शन के समय लिंग का मोड़ या वक्रता पुरुषों के लिए यौन समस्या बन सकती है, खासकर कम उम्र में।
Peyronie’s क्या है?
Peyronie’s रोग लिंग की एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिंग के अंदर स्कार टिश्यू बन जाता है, जिससे लिंग टेढ़ा हो जाता है। इसके कारण लिंग की लंबाई कम होना, टेढ़ा इरेक्शन, दर्द और कभी-कभी इरेक्टाइल डिसफंक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
आयुर्वेद क्या कहता है?
आयुर्वेद के अनुसार यह स्थिति अक्सर वात दोष के असंतुलन से जुड़ी होती है। खराब रक्त संचार, चोट या लिंग की ऊतकों की कमजोरी के कारण लिंग में टेढ़ापन और सख्ती आ सकती है। यह समस्या जेनेटिक कारणों या ट्रॉमा की वजह से भी हो सकती है और यौन स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है।
Peyronie’s के लक्षण
Peyronie’s रोग पुरुषों को अलग-अलग तरीकों से प्रभावित कर सकता है। कुछ मामलों में शुरुआत में बदलाव हल्के होते हैं, जबकि कुछ में समस्या ज़्यादा दर्दनाक या साफ दिखाई देने लगती है।
- इरेक्शन के दौरान लिंग का साफ तौर पर टेढ़ा या मुड़ा होना
- इरेक्शन या संभोग के दौरान दर्द
- त्वचा के नीचे सख्त गांठ या प्लाक महसूस होना
- लिंग की लंबाई कम हो जाना
- इरेक्शन बनाए रखने में कठिनाई (सेकेंडरी ED)
- मानसिक तनाव या परफॉर्मेंस एंग्जायटी
इस रोग के लक्षण उसकी गंभीरता और स्टेज पर निर्भर करते हैं।
Peyronie’s के कारण
Peyronie’s रोग के पीछे कई कारण हो सकते हैं; यह अचानक होने वाली समस्या नहीं है और धीरे-धीरे विकसित होती है, जैसे:
1. बढ़ा हुआ वात दोष: इससे शरीर की ऊतकों में अत्यधिक सूखापन, सख्ती और लचीलापन कम हो जाता है, जिससे लिंग की संरचना में कठोरता, टेढ़ापन और दर्द हो सकता है।
2. रक्त वाहिकाओं को नुकसान: आमतौर पर सेक्स, खेल गतिविधियों या दुर्घटनाओं के दौरान लिंग के अंदर की रक्त नलिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिससे लिंग का टेढ़ापन हो सकता है।
3. ज़ोरदार यौन गतिविधि: बहुत ज़्यादा या रफ सेक्स से बार-बार अंदरूनी चोट लग सकती है, जिससे लिंग में स्कार टिश्यू बनने लगता है।
4. ऑटोइम्यून विकार: कभी-कभी Peyronie’s रोग किसी स्पष्ट चोट के बिना भी हो सकता है और यह ऑटोइम्यून स्थिति से जुड़ा हो सकता है, जिसमें शरीर अपनी ही ऊतकों पर हमला करता है।
5. कुछ दवाओं का उपयोग: कुछ दवाएं, विशेष रूप से ब्लड प्रेशर की दवाएं जैसे बीटा ब्लॉकर्स, Peyronie’s रोग का जोखिम बढ़ा सकती हैं।
6. जेनेटिक कारण: यदि परिवार में किसी करीबी सदस्य को Peyronie’s रोग रहा हो, तो पुरुषों में यह समस्या आनुवंशिक रूप से होने की संभावना बढ़ जाती है।
7. कमजोर मांस धातु (मांसपेशी ऊतक): जब मांसपेशी ऊतक कमजोर या कुपोषित हो जाते हैं, तो सही संरचना को सहारा देना मुश्किल हो जाता है, जिससे लिंग विकृति की ओर झुकाव बढ़ता है।
Peyronie’s का निदान कैसे किया जाता है?
सबसे पहले डॉक्टर शारीरिक जांच करते हैं, जिसमें लिंग के आकार, बनावट और टेढ़ेपन को देखा जाता है। इस दौरान किसी भी सख्त हिस्से या फाइब्रस स्कार टिश्यू की जांच की जाती है।
यदि पुष्टि न हो पाए, तो लिंग के अंदर मौजूद फाइब्रस प्लाक की पहचान के लिए एक्स-रे या अल्ट्रासाउंड टेस्ट की सलाह दी जाती है।
और जब स्थिति का पता लगाना मुश्किल हो, तो यह जानने के लिए बायोप्सी की जाती है कि लिंग की कौन-सी ऊतक प्रभावित हैं।
लिंग के टेढ़ेपन के लिए आयुर्वेदिक उपचार
नीचे दिए गए तरीके लिंग के टेढ़ेपन या Peyronie’s रोग को संभालने में काफी मदद कर सकते हैं। कई बार यह स्थिति समय के साथ खुद ठीक हो जाती है, लेकिन गंभीर मामलों में दर्द कम करने, वक्रता को नियंत्रित करने और स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए ये उपाय अपनाए जाते हैं।
1. आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां
कुछ जड़ी-बूटियों का उपयोग लिंग के अंदर मौजूद स्कार टिश्यू की मरम्मत और दर्द से राहत के लिए किया जाता है। ये जड़ी-बूटियां रक्त संचार सुधारने, ऊतकों के पुनर्निर्माण को सपोर्ट करने और प्रजनन मांसपेशियों को पोषण देने में मदद करती हैं। इनमें अश्वगंधा, शिलाजीत और कौंच बीज शामिल हैं।
2. बाहरी आयुर्वेदिक थेरेपी
कई बार Peyronie’s रोग के इलाज के लिए बाहरी थेरेपी ही पर्याप्त होती है; प्रजनन अंग पर की गई बाहरी मालिश लिंग की लचीलापन और संरचना में सुधार करती है।
- अभ्यंग (औषधीय तेल मालिश): फाइब्रस प्लाक को नरम करने और लचीलापन बढ़ाने में मदद करता है।
- बस्ती थेरेपी (चयनित मामलों में): बढ़े हुए वात को संतुलित करती है, जो टेढ़ेपन का मुख्य कारण माना जाता है।
- वात-शामक तेलों का स्थानीय उपयोग: ऊतकों को पोषण और लचीलापन प्रदान करता है।
3. Peyronie’s को प्राकृतिक रूप से ठीक करने के लिए आहार
आहार हर व्यक्ति के जीवन का अहम हिस्सा होता है, खासकर तब जब बीमारी अंदरूनी कारणों से विकसित हुई हो। Peyronie’s रोग में ऐसे खाद्य पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है जो सूखापन और सूजन को कम करें, जैसे:
- देशी गाय का घी
- बादाम और अखरोट
- हल्दी वाला दूध
- खजूर और अंजीर
- मूंग दाल, चावल और सब्जियां
ये खाद्य पदार्थ वात दोष को संतुलित करने में भी मदद करते हैं, जिससे पुरुषों में यौन स्वास्थ्य बेहतर होता है और विशेष रूप से जननांग क्षेत्र में रक्त संचार सुधरता है।
4. जीवनशैली और यौन आदतें
बीमारी होने से पहले उसकी रोकथाम करना इलाज से बेहतर होता है। इसलिए जीवनशैली में सुधार करने से पुरुषों के जीवन में कई सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं, खासकर जब वे Peyronie’s जैसी समस्याओं से जूझ रहे हों। जैसे आदतें:
- आक्रामक या ज़ोरदार सेक्स से बचना
- अत्यधिक हस्तमैथुन
- पूरी नींद लेना
- लिंग की चोट से बचाव
- तनाव को नियंत्रित रखना
ये छोटी-छोटी आदतें अक्सर पुरुषों द्वारा नज़रअंदाज़ की जाती हैं, लेकिन लंबे समय में इनका असर काफी बड़ा होता है; इसलिए सही जीवनशैली अपनाना ज़रूरी है।
5. योग और प्राणायाम
योग यौन रोगों या विकारों से निपटने का एक प्राचीन तरीका है। कुछ विशेष योगासन और प्राणायाम प्रजनन मांसपेशियों को मजबूत करने पर ध्यान देते हैं, जैसे:
- अश्विनी मुद्रा: श्रोणि क्षेत्र में रक्त संचार सुधारती है
- भद्रासन: पेल्विक फ्लोर को मजबूत करता है
- अनुलोम विलोम: तनाव से उत्पन्न वात असंतुलन को कम करता है
ये आसन और श्वसन अभ्यास अंदर से काम करके पुरुषों के लिंग स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं, जो लिंग के टेढ़ेपन को संभालने के लिए आवश्यक है।
सर्जरी की ज़रूरत कब पड़ती है?
यदि जड़ी-बूटियों और थेरेपी सहित सभी उपाय आज़माने के बाद भी कोई सुधार न हो, तो सर्जरी की सलाह दी जाती है। आमतौर पर यह केवल गंभीर मामलों में ही की जाती है, जब लिंग का टेढ़ापन दर्दनाक हो जाए और संभोग लगभग असंभव या बहुत कठिन हो जाए।
और जब इलाज और उचित देखभाल के बाद भी 12 महीने या उससे अधिक समय तक स्थिति स्थिर बनी रहे और सुधार न हो।
निष्कर्ष
Peyronie’s या लिंग के टेढ़ेपन की समस्या पर किसी पुरुष को शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए। यह हमेशा स्थायी नहीं होती और सही आहार, आयुर्वेदिक सपोर्ट, थेरेपी और जीवनशैली में सुधार के ज़रिए इसे संभाला जा सकता है।
लेकिन यदि इलाज के बाद भी यह टेढ़ापन लंबे समय तक बना रहे, तो डॉक्टर से इस स्थिति पर चर्चा करना ज़रूरी हो जाता है।
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